एक किसान की मृत्यु के बाद उसके पूरे परिवार में गरीबी आ गई।। किसान के बेटे ने घर के जेवर बेचने का निर्णय लिया।। वह जेवर बेचने अपने ताऊ जी के पास गया जो सोने का काम करते थे।।
लेकिन उसके ताऊजी ने कहा कि बेटा बाजार में अब बहुत मंदा चल रहा है आप इसे बाद में बेच देना ।।आप हर रोज मेरी दुकान पर आ जाया करो जिससे आपका घर खर्च भी चल जाएगा।।
अपने ताऊ जी की बात मानकर लड़का हर रोज दुकान पर जाने लगा और वह कुछ ही महीनो में उस काम में पारंगत हो गया।।
उसके बाद उसके ताऊजी बोले कि बेटा अब आप उस जेवर को बेच सकते हैं जो तु कुछ महीने पहले लेकर आया था।।
लड़का घर गया और जैसे ही उसने संदूक से वह जेवर निकाला तो उसको बड़ा आश्चर्य हुआ कि वह जेवर नकली था ।।
अगले दिन लड़का अपने ताऊजी के पास गया तो ताऊ जी ने बोला कि बेटा जेवर क्यों नहीं लेकर आए तो लड़के ने जवाब दिया कि वह जेवर तो नकली था ताऊजी।।
फिर उसके ताऊ जी ने जवाब दिया कि बेटा मुझे तो उसी दिन पता था जिस दिन तू उस जेवर को लेकर आया था लेकिन अगर उस दिन मैं उसको नकली कहता तो तुम यह सोचते कि ताऊ जी हमारे बुरे समय में हमारा फायदा उठा रहे हैं और असली जेवर को भी नकली बता रहे हैं।।
आज तुम्हें खुद यह ज्ञान हो गया कि यह नकली है।।
मैं उस समय उसको नकली बता कर हमारे पारिवारिक रिश्तों को तोड़ना नहीं चाहता था।।
दोस्तों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी-कभी हमें कुछ निर्णय इस प्रकार सोच समझ कर लेने चाहिए ताकि हम पारिवारिक रिश्तों को बचा सकें।।
Vishnu jediya comedy
एक किसान की मृत्यु के बाद उसके पूरे परिवार में गरीबी आ गई।। किसान के बेटे ने घर के जेवर बेचने का निर्णय लिया।। वह जेवर बेचने अपने ताऊ जी के पास गया जो सोने का काम करते थे।। लेकिन उसके ताऊजी ने कहा कि बेटा बाजार में अब बहुत मंदा चल रहा है आप इसे बाद में बेच देना ।।आप हर रोज मेरी दुकान पर आ जाया करो जिससे आपका घर खर्च भी चल जाएगा।। अपने ताऊ जी की बात मानकर लड़का हर रोज दुकान पर जाने लगा और वह कुछ ही महीनो में उस काम में पारंगत हो गया।। उसके बाद उसके ताऊजी बोले कि बेटा अब आप उस जेवर को बेच सकते हैं जो तु कुछ महीने पहले लेकर आया था।। लड़का घर गया और जैसे ही उसने संदूक से वह जेवर निकाला तो उसको बड़ा आश्चर्य हुआ कि वह जेवर नकली था ।। अगले दिन लड़का अपने ताऊजी के पास गया तो ताऊ जी ने बोला कि बेटा जेवर क्यों नहीं लेकर आए तो लड़के ने जवाब दिया कि वह जेवर तो नकली था ताऊजी।। फिर उसके ताऊ जी ने जवाब दिया कि बेटा मुझे तो उसी दिन पता था जिस दिन तू उस जेवर को लेकर आया था लेकिन अगर उस दिन मैं उसको नकली कहता तो तुम यह सोचते कि ताऊ जी हमारे बुरे समय में हमारा फायदा उठा रहे हैं और असली जेवर को भी नकली बता रहे हैं।। आज तुम्हें खुद यह ज्ञान हो गया कि यह नकली है।। मैं उस समय उसको नकली बता कर हमारे पारिवारिक रिश्तों को तोड़ना नहीं चाहता था।। दोस्तों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी-कभी हमें कुछ निर्णय इस प्रकार सोच समझ कर लेने चाहिए ताकि हम पारिवारिक रिश्तों को बचा सकें।। Vishnu jediya comedy
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